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20180124

आज से बेवफा

मेरा रूह मेरी जान मेरी जन्नत थी तुम ,
मेरी ज़िन्दगी की पहली ज़रुरत थी तुम ;
तुम से ही मेरा सारा जमाना था ,
मेरी रगों मे तेरा ही आना-जाना था ;
मेरा इशक मेरा प्यार,मोहब्बत थी तुम ,
मेरे जीने की एक बस मकसद थी तुम ;
हर हाल मे अपना बानाना था ,
तेरे संग अपनी दुनिया बसाना था।
मगर , ख्वाबों का क्या , टूट जाता है ,
कोई अपना ही जब रूठ जाता है ;
रूठ जाने को कोई वजह चाहिए ,
दूर जाने को कोई जगह चाहिए ;
जगह जानता हूँ , वजह तू बता ,
वर्ना कहलायेगी आज से बेवफा ।

20170717

ये वो राजपुताना है

राजस्थान में राजपूतों पर हो रहे अत्याचार भाजपा सरकार सोंची समझी साजिश है। इन्हें हमेशा एक मुद्दे की जरूरत पड़ती है लोगों को उलझाने के लिए।पहले हिंदु-मुसलमान और अब ऊँची और नीची जाति जैसे मुद्दे की भी तैयारी चल रही है।और, जो इनका विरोध करेगा, उसका वही हाल होगा जो अनंदपाल का हुआ।
लेकिन अब इनकी ये चाल और अधिक नहीं चलेगी।देश के सभी राजपूतों तक इनके घिनौने करतूतों का संदेश पहुँचा है।
इन निम्न कोटि के शासकों/राजनेताओं को एक संदेश मैं अपनी इन पंक्तियों के माध्यम से दे रहा हूँ__


सत्ता, शासन, राजकर्म से रिश्ता बहुत पुराना है,
जिसकी वीरता का समस्त विश्व ने लोहा माना है,
करता आया भारत भूमि की सेवा जो सदियों से,
मत भूलो ऐ तुच्छ शासकों ये वो राजपुताना है।
जिसने स्वाभिमान के लिए शीश कटाना जाना है,
प्रजा का हित परम कर्म है जिसने ऐसा माना है,
जिसने पर स्त्रियों को माताओं सा सम्मान दिया,
मत भूलो ऐ तुच्छ शासकों ये वो राजपुताना है।
पूछ रहा हूँ एक सवाल, प्रथम यही और अंतिम भी,
बंद करोगे अत्याचार या इतिहास दुहराना है ?
लाखों पृथ्वीराज अभी और लाखों ही महाराणा हैं,
मत भूलो ऐ तुच्छ शासकों ये वो राजपुताना है।